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Cg News : दो दिवसीय ‘स्वाधीनता पर्व’ के दूसरे दिन देशभक्ति के नारों और गीतों से गूंजा श्री दावड़ा विश्वविद्यालय

न्यू रायपुर। श्री दावड़ा विश्वविद्यालय के कला एवं मानविकी संकाय में स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित दो दिवसीय ‘स्वाधीनता पर्व’ के दूसरे दिन गुरुवार को विश्वविद्यालय परिसर देशभक्ति के नारों, गीतों और कविताओं से गूंज उठा। विद्यार्थियों ने उत्साह, उमंग और राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत प्रस्तुतियों के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम के वीरों को नमन करते हुए राष्ट्रीय एकता और देश के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास, राष्ट्रीय एकता तथा राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका के प्रति जागरूकता पैदा करना रहा। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान को याद करते हुए वर्तमान पीढ़ी के कर्तव्यों को भी रेखांकित किया।

कार्यक्रम के दौरान “इंकलाब जिंदाबाद”, “करो या मरो” और “जय जवान, जय किसान” जैसे नारों ने पूरे परिसर में जोश भर दिया। बी.ए. तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थी आकाश मिश्रा ने “इंकलाब जिंदाबाद” का नारा बुलंद करते हुए युवाओं में देशभक्ति और क्रांतिकारी चेतना का संदेश दिया। वहीं मुस्कान ने “करो या मरो” के उद्घोष के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन के संघर्ष और बलिदान की भावना को जीवंत किया। “जय जवान, जय किसान” के नारों के जरिए देश की सुरक्षा में जुटे जवानों और अन्नदाता किसानों के योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।

देशभक्ति गीतों ने बांधा समां

कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने वातावरण को भावनात्मक और ऊर्जावान बना दिया। दुर्गा यदु एवं तुलेश्वरी देवांगन ने देशभक्ति गीतों की शानदार प्रस्तुति देकर उपस्थित विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों में राष्ट्रप्रेम की भावना को और प्रबल किया। उनकी प्रस्तुतियों को उपस्थितजनों ने उत्साहपूर्वक सराहा।

‘मेरा भारत महान’ कविता ने छोड़ी अमिट छाप

कार्यक्रम के अंतिम चरण में सहायक प्राध्यापक शिवा घृतलहरे ने अपनी देशभक्ति कविता ‘मेरा भारत महान’ का भावपूर्ण पाठ किया। कविता में भारत की विविधता, वीरता, सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय एकता और गौरवशाली परंपराओं का प्रभावी चित्रण किया गया। कविता की प्रस्तुति ने कार्यक्रम को भावनात्मक एवं प्रेरणादायी समापन प्रदान किया।

कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. आशुतोष शर्मा एवं शिवा घृतलहरे रहे। उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम में कला एवं मानविकी संकाय के अधिष्ठाता डॉ. मनीष वर्मा, डॉ. सारिका सिन्हा, डॉ. पुष्पा भारती, पियूषा जाधव, रवि कुमार, नीलिमा खरसन एवं काशिश कृपाल यादव सहित अन्य संकाय सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

स्वतंत्रता के साथ कर्तव्यों का भी संदेश

‘स्वाधीनता पर्व’ के दूसरे दिन आयोजित कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि स्वतंत्रता केवल अतीत की ऐतिहासिक उपलब्धि नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों, राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और देश के प्रति अपने कर्तव्यों के निर्वहन की सतत जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों के जोशीले नारों, मधुर गीतों और भावपूर्ण कविता ने स्वतंत्रता दिवस के उत्सव को सार्थक एवं प्रेरणादायी बना दिया।

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने देश की एकता, अखंडता, स्वतंत्रता और प्रगति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। इसी के साथ दो दिवसीय ‘स्वाधीनता पर्व’ का समापन उत्साह, राष्ट्रप्रेम और प्रेरणा के वातावरण में हुआ।