न्यू रायपुर। श्री दावड़ा विश्वविद्यालय, न्यू रायपुर के कला एवं मानविकी संकाय में स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में मंगलवार को ‘स्वतंत्रता पर्व’ कार्यक्रम का आयोजन उत्साह, रचनात्मकता और देशभक्ति की भावना के साथ किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने पोस्टर निर्माण एवं भाषण के माध्यम से स्वतंत्रता के महत्व, स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, स्वतंत्रता संग्राम के प्रति जागरूकता, राष्ट्रीय एकता तथा देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना रहा। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने स्वतंत्रता संग्राम, देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता, स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान और भारत के गौरवशाली इतिहास से जुड़े विभिन्न विषयों पर आकर्षक एवं संदेशपरक पोस्टर तैयार किए।
पोस्टर गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों ने स्वतंत्रता के महत्व और स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष को रचनात्मक अभिव्यक्ति दी। पोस्टरों में राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता और देश के भविष्य के निर्माण में युवाओं की भूमिका जैसे विषय प्रमुखता से उभरकर सामने आए। इस गतिविधि ने विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मकता के साथ-साथ ऐतिहासिक समझ को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान किया।
भाषणों में गूंजा राष्ट्रप्रेम का संदेश
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने भाषण के माध्यम से भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन, स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान तथा वर्तमान समय में स्वतंत्रता के मूल्यों की प्रासंगिकता पर अपने विचार व्यक्त किए। विद्यार्थियों के वक्तव्यों में देश के प्रति सम्मान, कर्तव्यबोध, राष्ट्रीय एकता और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की जिम्मेदारी की स्पष्ट झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम के समन्वयक सहायक प्राध्यापक दिव्याभूषण कौशिक एवं शिवा गृतलहरे रहे। दोनों समन्वयकों के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में ऐतिहासिक चेतना, रचनात्मक अभिव्यक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
संकाय सदस्यों की रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में कला एवं मानविकी संकाय के अधिष्ठाता डॉ. मनीष वर्मा, डॉ. सारिका सिन्हा, डॉ. पुष्पा भारती, पियूषा जाधव, रवि कुमार एवं नीलिमा खरासन की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के दौरान यह संदेश दिया गया कि स्वतंत्रता केवल एक ऐतिहासिक उपलब्धि नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और देश के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने की जिम्मेदारी भी है।




