America Storm : अमेरिका इस समय एक ऐतिहासिक बर्फीले तूफान की चपेट में है, जिसने पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। तेज हवाओं, भारी बर्फबारी और लगातार बारिश के कारण हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। अब तक 30 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि लगभग 8.5 लाख घरों और प्रतिष्ठानों में बिजली गुल हो गई है। लाखों लोग सर्दी और अंधेरे में रहने को मजबूर हैं।
हवाई और सड़क यातायात प्रभावित
बर्फीले तूफान का असर हवाई सेवाओं पर भी भारी पड़ा है। देशभर में 10,000 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, जिससे यात्रियों को लंबी कतारों और विलंब का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा रेल और सड़क यातायात भी प्रभावित है, कई प्रमुख राजमार्ग बर्फ और फिसलन के कारण बंद कर दिए गए हैं।
नेशनल वेदर सर्विस ने जारी किया अलर्ट
नेशनल वेदर सर्विस (NWS) ने पहले ही इस तूफान को लेकर चेतावनी जारी कर दी थी। एजेंसी ने कहा कि तूफान का असर अभी और बढ़ सकता है और नागरिकों को घरों में रहने की सलाह दी गई है। कई इलाकों में बर्फ की मोटी परत जमने से सड़कें खतरनाक और फिसलन भरी हो गई हैं।
टेनेसी, मिसिसिपी, टेक्सास और लुइसियाना में सबसे अधिक बिजली कटौती हुई है। इसके अलावा केंटकी, जॉर्जिया, वर्जीनिया और अलबामा में भी बिजली आपूर्ति बाधित हुई है।
2000 मील तक फैला तूफान
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह तूफान न्यू मैक्सिको से टेक्सास और आगे न्यू इंग्लैंड तक लगभग 2000 मील क्षेत्र में फैला है। ओहियो वैली क्षेत्र में भारी से अत्यधिक भारी बर्फबारी की संभावना है। विशेषज्ञ एलिसन सैंटोरेली ने इसे “अनोखा और व्यापक प्रभाव वाला तूफान” बताया। अनुमान है कि लगभग 213 मिलियन लोग किसी न किसी रूप में इस तूफान से प्रभावित हुए हैं।
राष्ट्रपति ट्रंप ने किया आपातकाल घोषित
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे “ऐतिहासिक तूफान” करार देते हुए संघीय आपातकालीन आपदा की घोषणा की है। लगभग 20 राज्यों और कोलंबिया के कुछ हिस्सों में इमरजेंसी लागू कर दी गई है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ’ पर कहा कि प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित राज्यों के संपर्क में है। नागरिकों से सुरक्षित रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।
प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा हुआ है, लेकिन मौसम के तेवर अभी भी चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।



