पेराम्बलुर (तमिलनाडु)। तमिलनाडु के पेराम्बलुर जिले में मंगलवार सुबह पुलिस और एक आदतन अपराधी के बीच हुई मुठभेड़ में आरोपी की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने हिरासत में रहते हुए भागने की कोशिश की और इस दौरान एक पुलिस उपनिरीक्षक (एसआई) पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। आत्मरक्षा में की गई जवाबी फायरिंग में वह मारा गया।
मृतक की पहचान कोट्टू राजा उर्फ अझगुराजा के रूप में हुई है। वह हाल ही में कुख्यात अपराधी वेल्लाई काली पर हुए हमले का मुख्य संदिग्ध था। इस हमले के बाद से वह पुलिस की नजर में था और उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज थे। मुठभेड़ में घायल हुए उपनिरीक्षक को तुरंत पेराम्बलुर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
पुलिस के मुताबिक, 24 जनवरी को वेल्लाई काली को अदालत में पेशी के बाद चेन्नई की पुझल केंद्रीय जेल ले जाया जा रहा था। इसी दौरान एक वाहन पर 10 से अधिक लोगों के गिरोह ने देसी बम फेंककर हमला किया। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पेराम्बलुर जिला पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पांच विशेष टीमें गठित की थीं।
सोमवार शाम पुलिस ने अझगुराजा को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर हमले में इस्तेमाल किए गए हथियारों और विस्फोटकों को जंगल में छिपाने की बात कबूल की। इसके बाद मंगलवार सुबह एक पुलिस टीम उसे बरामदगी के लिए बताए गए स्थान पर लेकर गई।
पुलिस का कहना है कि मौके पर पहुंचते ही आरोपी ने अचानक पुलिस वाहन पर देसी बम फेंक दिया और पहले से छिपाकर रखे गए धारदार हथियार से उपनिरीक्षक पर हमला कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मंगलामेडु पुलिस इंस्पेक्टर ने आत्मरक्षा में गोली चलाई। गोली आरोपी के सिर में लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और मामले की मजिस्ट्रेट जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की विधिवत जांच कराई जाएगी। वहीं, इस मुठभेड़ के बाद क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है।




